[2023] महिला उत्पीड़न की शिकायत कहां और कैसे करें ?

Mahila Utpidan Ke Khilaf Shikayat Kaise Kare Online:- दोस्तों हमारे देश में आये दिन महिलावों के साथ उत्पीड़न जैसे चीज़े समाचार के माध्यम से सुनने को मिलते हैं और इसका सबसे बड़ा कारण घरेलू हिंसा है। घरेलू हिंसा के नाम पर महिलाओं के ऊपर जोर जबरजस्ती, मार-पिट,अत्याचार आदि किया जाता हैं। बात सिर्फ घर की भी नहीं है घर के बाहर भी महिलाओं के ऊपर अलग-अलग तरह से शोषण करने जैसे अपराध होते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है की सरकार या फिर पुलिस ने इसके खिलाफ कुछ करने का प्रयत्न नहीं किया है।

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कई सारे ऐसे कानून बनाए गए हैं जो महिलाओं को इस तरह के उत्पीड़न के खिलाफ खड़ा होने का हौसला देते हैं। ‌ ऐसे में अगर आप महिला उत्पीड़न का शिकायत कैसे और कहाँ करें? इस बारे में जानना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल को पढ़ रहे हैं।

पहले के समय में महिलाएं पुरुष प्रधान समाज से डर कर अपने साथ हुए अत्याचार के बारे में कभी बात नहीं करती थी। लेकिन अब औरतें भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी हैं। अब अगर किसी महिला के ऊपर उत्पीड़न या अत्याचार जैसी घटनाएं हो रही है या फिर किसी भी तरह से उनका शोषण किया जा रहा है तो महिलाएं इसके खिलाफ आवाज उठाती हैं।

ऐसे में अगर आपके या फिर आपके किसी भी करीबी के साथ ऐसा हो रहा है, तो आपको कभी भी चुप नहीं रहना चाहिए। बल्कि आपको इस हिंसा के प्रति आवाज उठाना चाहिए। इस हिंसा या महिला उत्पीड़न (दुराचार) के विरुद्ध आपको क्या, कब और कैसे करना है! इसकी पूरी जानकारी आपको इस लेख में मिलेगी।

Contents

महिला उत्पीड़न का मतलब क्या हैं ? What is women harassments

जब भी हम महिला उत्पीड़न के बारे में बात करते हैं। तो लोगों को लगता है की औरत को मारना पीटना ही महिला उत्पीड़न कहलाता है। लेकिन ऐसा नहीं है, महिला उत्पीड़न का मतलब ये नहीं है की औरत पर शारीरिक जोर दिखाया गया है या फिर उनके साथ सेक्सुअली हैरेस किया गया है।

बल्कि महिला उत्पीड़न एक बहुत ही बड़ा विषय है क्योंकि इसके अंदर महिलाओं के साथ किए जाने वाले गलत व्यवहार से लेकर अभद्र मजाक, गंदे अपशब्द कहना, बुरा बर्ताव करना, फोन पर हैरस करना, सोशल मीडिया पर गंदे मैसेज करना, ट्रॉल करना, सब कुछ आता है और इन सारी चीजों के लिए सख्त से सख्त कानून भी बनाए गए हैं।

अगर कोई महिला किसी पुरुष के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत कर देती है तो उस पुरुष को सख्त से सख्त सजा देने का प्रावधान हमारे संविधान में है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आजकल पुलिस इन मामलों में बहुत ही जागरूक हो चुकी हैं। ऐसे मामलों में अपराधी छूटकर ना निकल सके इसीलिए उन्हें ऐसी सजा दी जाती है कि अपराधी को सजा हमेशा याद रहे।

महिला उत्पीड़न कितने प्रकार का होता हैं ? Types of women harassments

जैसा कि मैंने आपके ऊपर बताया महिला उत्पीड़न से जुडी जैसे कि शारीरिक तौर पर छेड़ने, अनैतिक तरीके से छुने, मारने पीटने के अलावा भी बहुत अलग-अलग तरीके से टॉर्चर किया जाता है। महिला उत्पीड़न मुख्य रूप से निम्न प्रकार के होते हैं ,

• महिला के साथ शारीरिक उत्पीड़न :

जब एक महिला को शारीरिक तौर पर मारा, पीटा जाता है या फिर उस पर घरेलू हिंसा किया जाता है, तो उसे शारीरिक उत्पीड़न कहते हैं। घर पर या बाहर कहीं भी अगर महिला के ऊपर शारीरिक बल प्रयोग किया जा रहा है तो वो शारीरिक उत्पीड़न के अंतर्गत आएगा।

• औरतों के साथ पारिवारिक उत्पीड़न :

परिवार के द्वारा अगर किसी महिला पर अत्याचार किया जा रहा है और किसी तरह से शोषण किया जा रहा है, तो उसे पारिवारिक उत्पीड़न कहा जाता है। इंडिया में 10 में 6 परिवारों में पारिवारिक उत्पीड़न आज भी होता है। चाहे मध्यवर्ग के लोग हो या फिर अमीर वर्ग के इस तरह की चीज हर जगह पर होती है।

• महिला यौन उत्पीड़न :

किसी भी महिला की इच्छा के विरुद्ध उसे छूना या फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करना यौन उत्पीड़न के अंतर्गत आता है और इसमें अपराधी को काफी सख्त सजा दी जाती हैं।

• घर के महिलावों को मानसिक उत्पीड़न :

महिलाओं के सिर्फ शारीरिक शोषण पर ही नहीं बल्कि मानसिक शोषण करने के लिए भी सख्त कानून बनाए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति किसी महिला का मानसिक तौर पर शोषण करता है तो उसके ऊपर मानसिक उत्पीड़न करने का चार्ज लगाया जाएगा।

• महिला के साथ सामाजिक उत्पीड़न :

समाज के द्वारा अगर महिला के ऊपर किसी तरह का अत्याचार किया जा रहा है या फिर उसका शोषण किया जा रहा है तो उसे सामाजिक उत्पीड़न कहेंगे। सामाजिक उत्पीड़न के खिलाफ भी महिलावों के हित में कानून बनाए गए हैं।

• सांस्कृतिक उत्पीड़न :

सिर्फ पारिवारिक या सामाजिक ही नहीं बल्कि संस्कृति को आधार पर बनाकर अगर कोई व्यक्ति किसी महिला का शोषण करता है तो उसे सांस्कृतिक उत्पीड़न कहते हैं।

• आर्थिक उत्पीड़न

आर्थिक तौर पर अगर किसी महिला का शोषण किया जा रहा है या फिर उसके साथ गलत व्यवहार किया गया हैं। तो अपराधी के ऊपर आर्थिक उत्पीड़न का चार्ज लगेगा।

• घर के महिलावों / औरतों के साथ मौखिक उत्पीड़न

अगर कोई व्यक्ति अपनी बातों से किसी महिला के मान सम्मान को ठेस पहुंचाता है या फिर उसे किसी भी तरह से परेशान करने की कोशिश करता है। तो उसे व्यक्ति के ऊपर मौखिक उत्पीड़न करने का अपराध सिद्ध होगा।

जब इतने तरीकों से महिलाओं को परेशान किया जाता है या उनका शोषण किया जाता है। तो इसका समाधान करने के लिए भी अलग-अलग तरह से प्रयत्न किया जा रहे हैं।

महिलाएं किस प्रकार के उत्पीड़न की शिकायत कर सकती हैं ?

महिलाओं के साथ उत्पीड़न के बारे में जानने के बाद ये सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि महिला अपने साथ में किस तरह के व्यवहार के खिलाफ शिकायत कर सकती हैं –

>> अगर किसी महिला को उसके घर पर या फिर घर के बाहर उसे आपत्तिजनक तरीके से छुआ जा रहा है या फिर छेड़खानी या उत्पीड़न की जा रही है तो अपनी शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग या पुलिस को कर सकती हैं|

>> अगर महिला के साथ किसी भी जगह पर उसके मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाने की या फिर रेप करने का प्रयास किया जा रहा है।

>> महिलाओं की बिक्री या फिर उनसे वेश्यावृत्ति करने का प्रयत्न किया जा रहा है।

>> महिला पर अगर एसिड अटैक करने का प्रयत्न किया गया है या फिर उन पर एसिड अटैक किया गया हैं।

>> महिला के साथ अपमानजनक व्यवहार या फिर उन पर कुछ कटाक्ष किया गया है।

>> शादीशुदा महिला पर दहेज के मामलों की वजह से घरेलू हिंसा हो रही है।

>> किसी महिला को गंदी नजर से घूरने या फिर उसका गलत इरादे से पीछा करने पर।

>> महिला को अपनी पसंद से शादी करने से रोकने पर।

>> किसी महिला की जबरन शादी करने का प्रयत्न करने पर।

>> महिला की मर्जी के बिना मादा भ्रूण हत्या करने पर।

>> कार्यस्थल में महिलाओं का ऊपर बताए गए किसी भी तरीके से उत्पीड़न करने पर।

>> सोशल मीडिया पर महिलाओं को आपत्तिजनक संदेश भेजने पर।

>> किसी महिला को साइबर बुलीइंग करने पर। ‌

>> महिला को गाली देने या फिर उसके सम्मान को चोट पहुंचाने पर।

>> महिला के साथ अगर कोई फोन पर अश्लील बातें कर रहा है या गंदी गंदी गालियां दे रहा है।तो इस तरह की स्थितियों में महिला अपने साथ हो रहे शोषण के विरुद्ध शिकायत कर सकती हैं।

महिला उत्पीड़न की शिकायत कहाँ करें ? Where to complaint of women harrasment

अगर किसी महिला का उत्पीड़न हो रहा हो और वो महिला अपने साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ शिकायत करना चाहती है। तो महिलाएं तीन जगहों पर अपनी शिकायत कर सकती है –

1. पुलिस में महिला उत्पीड़न का शिकायत –

अगर किसी महिला के ऊपर शोषण या उत्पीड़न हो रहा है या फिर उसके ऊपर घरेलू हिंसा हो रही है। तो महिला एक फोन कॉल करके पुलिस की मदद ले सकती है। महिला को पुलिस की मदद लेने के लिए 100 नंबर या फिर 1091 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना होगा।

महिला को सिर्फ कॉल करके अपने साथ हुए बद्सुलिकी के बारे में पुलिस को बताना होगा साथ ही पुलिस को अपना पता और कॉन्टैक्ट इनफॉरमेशन देना होगा।

घरेलू हिंसा के प्रति पुलिस इन दिनों काफी चौकन्नी हो चुकी है। अगर कोई महिला अपने पति या फिर अपने सास-ससुर से पीड़ित है तो Section 498A के तहत वो FIR फाइल कर सकते हैं।

जब किसी महिला के ऊपर उसके पति और ससुराल वालों का अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ जाए या फिर बर्दाश्त करने की सारी हदें पार हो जाए। तो महिलाओं को अत्याचार सहन नहीं करना चाहिए बल्कि उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और उसका विरोध करना चाहिए।

2. राष्ट्रीय महिला आयोग महिला उत्पीड़न का कंप्लेंट –

अगर कोई महीना घरेलू हिंसा से पीड़ित हैं और उसे पुलिस में जाने में डर लग रहा है। तो महिला पुलिस में ना जाकर “राष्ट्रीय महिला आयोग” (NCW) में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने के लिए, उनके समस्याओं का निवारण करने के लिए और समाज में महिलाओं की स्थिति को सुधारने के लिए आज से लगभग 33 साल पहले राष्ट्रीय महिला आयोग की स्थापना ” राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम (National movement commission act 1990 ) “ के अंतर्गत किया गया था।

अगर आपके ऊपर किसी भी तरह से उत्पीड़न किया जा रहा है। तो आप राष्ट्रीय महिला आयोग के हेल्पलाइन नंबर 91-11 26944880, 91- 11 269448483 पर फोन कर सकते है या फिर उनकी ऑफिशियल वेबसाइट ncwapps.nic.in पर जाकर अपनी शिकायत कर सकते हैं। महिला अगर चाहें तो ncw@nic.in पर mail करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकता हैं।

अगर किसी कारणवश आप राष्ट्रीय महिला आयोग से संपर्क ना कर सके तो आप राज्य महिला आयोग से संपर्क करके उनकी मदद ले सकते हैं। प्रत्येक राज्य में अपना राज्य महिला आयोग (SCW) होता है।

3. घरेलू हिंसा अधिनियम –

पीड़िता महिला की अगर कहीं भी बात नहीं सुनी जा रही है, तो वो महिला घरेलू हिंसा अधिनियम के section 18 के तहत कोर्ट से प्रोटेक्शन ऑर्डर, रेजिडेंस ऑर्डर और मुआवजा लेने का आर्डर प्राप्त कर सकते हैं।

प्रत्येक राज्य में प्रोडक्शन ऑफीसर नियुक्त किए गए हैं। तो घरेलू हिंसा से पीड़ित औरत को डोमेस्टिक इंसीडेंट रिपोर्ट ” (DIR) बनवानी होती है।

क्या महिला के ऊपर हो रहे उत्पीड़न की शिकायत कोई दूसरा कर सकता हैं ?

जी हां बिल्कुल, अगर किसी महिला के साथ उत्पीड़न हो रहा हो और आप उसे महिला को जानते हैं या फिर आप उसके करीबी रिश्तेदार हैं। तो आप पुलिस में महिला उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं।‌

इस तरह के ज्यादातर जो मामले होते हैं उनमें कंप्लेंट करने वाली जो पीड़ित महिला है या फिर उनकी सहेली या फिर रिश्तेदार की पहचान को पूरी तरह से गुप्त रखा जाता है। इतना ही नहीं कंप्लेंट लिखवाने वाली महिला की पहचान को भी पूरी तरह से गुप्त रखा जाता है।

साथ ही जब आप महिला उत्पीड़न की रिपोर्ट पुलिस थाने में करेंगे, तो आपकी रिपोर्ट को महिला पुलिस कर्मचारी सुनेगी। पुरुष पुलिस कर्मचारियों के पास केस से संबंधित कोई विशेष जानकारी नहीं होगी। महिला उत्पीड़न से संबंधित मामला होने की वजह से इस केस को पूरी तरह से महिला पुलिस के द्वारा ही सुलझाया जाएगा। 

अगर कोई पुलिसवाला महिला उत्पीड़न की शिकायत न करें, तो क्या करना चाहिए ?

अगर आप महिला उत्पीड़न के खिलाफ पुलिस में कंप्लेंट कर रही है। लेकिन पुलिस वाले आपकी कोई बात नहीं सुन रहे हैं या फिर आप की रिपोर्ट लिखने में ड्रामा कर रहे हैं। तो आप पुलिस स्टेशन छोड़कर राष्ट्रीय महिला आयोग के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

यदि आप अपनी प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस वाले को ये जानकारी नहीं होने देना चाहते है की आप पुरुष है या फिर महिला हैं। तो आप  6306511708 के नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज कर सकते हैं।

व्हाट्सएप मैसेज ही नहीं आप चाहे तो फैक्स भेज कर भी अपनी कंप्लेंट दर्ज करवा सकते हैं। महिला उत्पीड़न की खबर देने के लिए आप 0522-2728671 पर फैक्स कर सकते हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग में महिला उत्पीड़न का शिकायत कैसे करें?

कई बार ऐसा होता है की महिला के साथ उत्पीड़न करने वाले अपराधी का बल इतना अधिक होता है की पुलिस वाले पीड़ित महिला की बात सुनते ही नहीं है। ऐसे में अगर उत्पीड़न की शिकार महिला चाहे तो वे राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत कर सकती हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दूं की घरेलु महिला उत्पीड़न राष्ट्रीय महिला आयोग में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से शिकायत की जा सकती हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग में घर में हुए महिला उत्पीड़न शिकायत करने के इन दोनों ही तरीकों के बारे में मैंने एक-एक करके बताया है तो उसे ध्यान से फॉलो करें –

महिला उत्पीड़न के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत करने का तरीका

अगर आप ऑनलाइन अपने साथ हो रहे उत्पीड़न का शिकायत दर्ज करवाना चाहती हैं। तो उसके लिए आपको नीचे बताए गए सभी स्टेप्स को फॉलो करना होगा –

स्टेप 1:- राष्ट्रीय महिला आयोग में महिला उत्पीड़न शिकायत दर्ज करने के लिए आपको सबसे पहले नेशनल वीमेंस कमीशन के पोर्टल के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। ‌ वेबसाइट पर जाने के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।Website

स्टेप 2:- वेबसाइट पर आ जाने के बाद आप को portal के होमपेज पर महिला उत्पीड़न का कंप्लेंट हेतु ” Register complaint “ का एक विकल्प देखने को मिलेगा, आप उसपर क्लिक कर दीजिए।

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स्टेप 3:- इसके बाद आप एक नए पेज पर आ जाएंगे। आप जैसे पेज स्क्रोल करेंगे तो आपको ” शिकायत पंजीकरण के लिए यहाँ क्लिक करें (Click here for registration of Complaint ) ” का एक link देखने को मिलेगा आप को उस लिंक पर क्लिक कर देना हैं। अब आपको ok के बटन पर क्लिक कर देना है।

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स्टेप 4:- इस बटन को क्लिक करने के बाद आपके सामने “complaint registration form “ ओपन हो जाएगा।

स्टेप 5:- महिला उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत रजिस्ट्रेशन फॉर्म में आपको शिकायतकर्ता का नाम, पता, राज्य, जनपद, पिन कोड, ईमेल, मोबाइल नंबर जैसी सारी जानकारी भरनी होगी।

स्टेप 6:- महिला शिकायतकर्ता को अपनी जानकारी भरने के बाद पीड़ित की जानकारी भरनी होगी और इसमें भी वही नाम, पता, राज्य, जनपद, पिन कोड, ईमेल, मोबाइल नंबर सब कुछ डालना होगा।

स्टेप 7:- जब आप पीड़ित महिला की सारी जानकारी उत्पीड़न फार्म में डाल दे तो उसके बाद आप को प्रतिवादी का विवरण यानी कि अपराधी की वही सेम डिटेल्स भरनी होगी।

स्टेप 8:- फिर आपको इस वीमेन Harassment कंप्लेंट फॉर्म में शिकायत का विवरण डालना होगा। जैसे घटना की तारीख, प्रतिवादी का विभाग इस तरह की जानकारी डालनी होगी और ये बताना होगा की इस मामले में पहले से  कोर्ट में कोई केस चल रहा है या नहीं।

स्टेप 9:- अंत में आपको महिला उत्पीड़न के पूरी घटना के बारे में विस्तार पूर्वक दिए गए खाली जगह पर लिखना है और फिर कैप्चा कोड डालकर सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा।

तो इस तरीके से आप बहुत ही आसानी से महिला उत्पीड़न के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।

महिला उत्पीड़न के खिलाफ ऑफलाइन शिकायत करने का तरीका

ऊपर बताए गए तरीके से आप बहुत ही आसानी से महिला उत्पीड़न के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं अगर आपके साथ हिंसा हो रही है और आप फॉर्म वगैरह भरने की स्थिति में नहीं है तो आप ऑफलाइन तरीके से महिला उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज करने की ऑफलाइन प्रक्रिया भी ऑनलाइन प्रक्रिया की तरह बहुत सिंपल होती है। आप हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके अपनी कंप्लेंट दर्ज करवा सकते हैं। महिला उत्पीड़न के खिलाफ ऑफलाइन प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए आप 18001805220 के हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर सकते हैं।

महिला उत्पीड़न रोकने के लिए किस प्रकार की व्यवस्था बनाई है?

अगर कोई उत्पीड़न की शिकार महिला अपने साथ हुई हिंसा के विरुद्ध कंप्लेंट दर्ज करवाती है, तो मामले को संभालने के लिए या फिर यूं कहें कि उत्पीड़न को रोकने के लिए निम्न प्रकार की व्यवस्था बनाई गई है –

  • महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए सबसे पहले चेतावनी दी जाती है।
  • महिला के साथ हिंसा करने वाले व्यक्ति को लिखित माफीनामा देना पड़ता है।
  • अगर महिला के साथ बहुत बड़ी हिंसा की हो तो अपराधी को नौकरी से निकाल दिया जाता है।
  • महिला उत्पीड़न के बारे में जानने के बाद घटना के अपराधी का प्रमोशन भी रोक दिया जाता है।
  • महिला के साथ अगर उत्पीड़न होना शुरू हुआ है तो फिर बैठकर काउंसलिंग की जाती है और मामले को संभाला जाता है।

महिला उत्पीड़न के मामले में विभिन्न राज्यों की क्या स्थिति है?

ऐसा नहीं है की महिला उत्पीड़न भारत के किसी एक राज्य में होती हैं, तो दूसरे राज्य में नहीं। भारत के लगभग सभी राज्यों में महिला उत्पीड़न के मामले देखने को मिलते हैं।

बीते कुछ सालों में महिला उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज होने की दर बड़ी है और इसका बड़ा कारण यह है की महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हुई है।

  • महिला उत्पीड़न के मामले में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर आता हैं। 2021 के आंकड़े को पढ़ें तो साल के शुरुआती 8 महीनों में 19,953 महिला उत्पीड़न के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई थी।
  • जब बात घरेलू हिंसा या महिला उत्पीड़न की हो तो दिल्ली का नाम आना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली महिला उत्पीड़न में दूसरे नंबर पर आता है। 2021-22 के आंकड़े को देख तो कुल 13,618 केस दर्ज किया गया हैं।
  • हरियाणा में घरेलू हिंसा के खिलाफ 995 और महाराष्ट्र राज्य में 974 केस दर्ज हुए हैं।

वैसे ये तो सिर्फ वो मामले हैं जिनका रिकॉर्ड पाया गया है लेकिन ऐसे और भी मामले हैं जो अब तक रिकॉर्ड में नहीं आए हैं। महिला उत्पीड़न एक बहुत ही गंभीर समस्या है और उसके खिलाफ महिलाओं का जागरूक होना बहुत ही ज्यादा जरूरी है।

महिला उत्पीड़न का हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कैसे करें ?

महिला के ऊपर अगर बहुत ज्यादा अत्याचार हो रहा है और वो चाहकर भी पुलिस में अपने साथ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखवा पा रही है। तो वो महिला आयोग के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके अपने शिकायत को दर्ज करवा सकती हैं। अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए आप 91-11 26944880, 91-11-26944883 के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करना होगा।

FAQ – Mahila Utpidan Ke Khilaf Shikayat Kaise Kare

महिला उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत कैसे करें?

महिला उत्पीड़न के खिलाफ पुलिस में या फिर राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ‌

1090 पर शिकायत करने से क्या होता हैं ? 

अगर कोई पुरुष महिला के साथ अश्लील हरकतें कर रहा है तो उसके खिलाफ शिकायत करने के लिए 1090 पर कॉल किया जाता है। ‌

महिला आयोग में शिकायत करने पर क्या होता हैं ?

महिला आयोग में शिकायत करने से पीड़ित को हिंसा से मुक्ति मिलती है और अपराधी को कड़ा दंड मिलता है।

महिला उत्पीड़न पर कौन सी धारा लगती हैं ?

महिला उत्पीड़न के खिलाफ इंडियन पेनल कोड की धारा 498 लगती है। ‌

क्या महिला उत्पीड़न में सिर्फ यौन उत्पीड़न आता है ?

जी नहीं, महिला उत्पीड़न में यौन उत्पीड़न के अलावा भी बहुत सारी चीज़ें आती हैं।

क्या वूमेन हेल्पलाइन नंबर पर मदद पाने के लिए पीड़ित महिला का स्वयं कॉल करना अनिवार्य है ?

जी नहीं, वूमेन हेल्पलाइन नंबर पर पीड़ित महिला के करीबी दोस्त या रिश्तेदार भी उसके साथ हो रहे हैं हिंसा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। ‌

Conclusion

दोस्तों इस लेख में मैंने महिला उत्पीड़न का शिकायत कैसे करें (Mahila Utpidan Ke Khilaf Shikayat)? इस बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी है और ऐसा तरीका बताया है।

जिससे आप आसानी से अपनी शिकायत पुलिस के सामने या फिर इस तरह के मामले देखने वाले विभाग के सामने रख सकती हैं। अगर पोस्ट में बताई गई जानकारी आपके किसी भी तरह से काम आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ खासकर महिलाओं के साथ जरूर शेयर कीजिए।

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