जानें क्या है प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2021, SVANidhi Yojana apply online

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प्रधानमंत्री SVANidhi Yojana 2021

शुरुआत– प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा

दिनांक -1 जून 2020

कारण – कोरोना काल में कारण बेरोजगार हुए छोटे दूकानदार ,रेहड़ी वाले इत्यादि को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु |

प्रस्तावना

SVANidhi Yojana, एक केंद्रीय सरकार की योजना है ,जो भारत सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के देख रेख में केंद्रीय कैबिनेट में बनाई गयी है | इस योजना में कोरोना काल में हुए लॉकडाउन में ढील देने के पश्चात रेहड़ी वालो ,फुटकर विक्रेता को अपनी आजीविका और रोजगार देने के लिए मदद के रूप में आर्थिक सहायता दी जाती है।

  • इस योजना में लाभार्थियों को पहली बार 10000 तक की राशि लोन के रूप में प्रदान की जाती है ,जो आवेदकों  को बिना किसी गारंटी के दी जाती है। तथा इसकी ब्याज दर में से 7% सरकार द्वारा भुगतान किया जायेगा जो आवदेक के बैंक में किश्त की राशि जमा भरने पर भेजे जायेंगे |

  • Corona काल में छोटे विक्रेता ,रेहड़ी वाले इत्यादि पर सबसे ज्यादा असर पड़ा ,जिस कारण इन सभी के आगे रोजगार की समस्या खड़ी हो गयी  थी |

  • इस महामारी की स्थिति में जब बेरोजगारी के कारण सभी को अपने घर और शहर से पलायन करके मज़बूरी में अपने गांव वापस जाना पड़ रहा था, तब भारत की सरकार के पास सबसे बड़ी समस्या मजदूरों को अपने घर पर रोकना तथा उन्हें आर्थिक सहयता प्रदान करना सबसे अहम् मुद्दा बन गया था |

  • कोरोना काल जैसी महामारी के वक़्त जब सरकार को मजबूरन सब कुछ बंद करना पड़ा था तो सबसे ज्यादा आहत होने वाले वर्ग इन्ही विक्रेताओं का था क्योकि ये वही  वर्ग है जो रोज कमाता और खाता है जिस कारण इस महामारी में इन्ही अपने गांव के ओर पलायन करना पड़ा रहा था |

  • संयुक्त  राष्ट्र के श्रम निकाय के अनुसार इस महामारी (Covid-19) में भारत में लगभग 40 से 45 करोड़ लोग गरीबी में फंस सकते हैं|
  • चीन के बाद भारत ऐसा दूसरा देश है जिसमे इतनी बड़ी मात्रा में मजदूर व रेहड़ी वाले है |

योजना का संक्षिप्त विवरण

स्वनिधि योजना  एक केंद्र सरकार के द्वारा बनाई गयी योजना है। जो कोरोना काल के दौरान हुए लॉकडाउन में ढील देने के पश्चात विक्रेताओं तथा रेहड़ी वालो को अपनी आजीविका सुचारु रूप से चलाने के लिए लोन दिया जाता है ,जिससे वो लोग अपना काम फिर से शुरू कर सके |

  • स्वनिधि योजना में आवेदको को पहली बार 10,000 की राशि लोन के रूप में प्रदान की जाती है।
  • वक़्त पर लोन की किश्त चुकाने पर आवेदकों को अगली बार लोन लेने पर लोन की राशि बढ़ा भी दी जाती है |
  • इस राशि की किश्तों को 12 महीने में छोटी-छोटी किश्तों के रूप में भुगतान करना होता है |
  • इस योजना के तहत सभी आवेदकों को 7% ब्याज भारत सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है, जिस कारण लाभार्थियों को बहुत ही कम दर पर लोन प्राप्त हो जाता है |
  • स्वनिधि योजना के अंतर्गत लोन लेने पर आवेदकों को बिना किसी गारंटी के लोन दिया जाता है, जिससे सभी आवेदकों को इस लोन के बदले किसी भी वस्तु के खोने का डर नहीं होता |

स्वनिधि योजना में आवेदन कैसे करे

इस योजना में ऑनलाइन व ऑफलाइन  दोनों तरह से आवेदन किया जा सकता है | सरकार द्वारा दिए गए पोर्टल से फॉर्म को डाउनलोड (Download) करके भरा जा सकता सकता है | फॉर्म को भरने के बाद इसमें लगने वाले सभी दस्तावेजों को जोड़कर बैंक या अन्य संस्थानों को जमा करवाना होगा |

SVANidhi Yojana  में ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया

  • स्वनिधि योजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सरकार द्वारा पारित आधिकारिक वेबसाइट (http://pmsvanidhi.mohua.gov.in/) पर जाना होगा।
  • वेबसाइट में जाने के पश्चात होम पेज पर जाके लॉगिन करना होगा।

  • अब उस पेज में  बहुत सारे वर्ग आएंगे जिसमे अपने वर्ग के अनुसार दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।

  • इसके पश्चात एक नया पेज सामने आएगा जिसमे यूजरनाम (User Name) और पासवर्ड (Password) भरना होगा।

  • अब लॉगिन के बटन  पर क्लिक करना है उसके पश्चात फॉर्म Form का पेज खुलकर सामने आएगा।

Pm swanidhi Yojana Form

        • अब अपनी योग्यता के अनुसार उस फॉर्म (Form) को भरके जमा करवाना है।

जिनके पास प्रमाणपत्र न हो वो क्या करे?

हमारे देश में कई ऐसे दूकानदार है जिनके पास इसका कोई प्रमाण नहीं है की वो दुकान चलते है। या उन्हें इसकी पहले कोई जरूरत महसूस नहीं हुई की वो इसका प्रमाणपत्र बनवाये। 
स्वनिधि योजना का लाभ उठाने के लिए ऐसा कोई भी प्रमाणपत्र की बहुत ही जरूरत है जो ये साबित  करे की वो एक दुकानदार है। इसके लिए भी भारत की सरकार ने तरीका निकला है। 
जिन लोगो के पास ये प्रमाणपत्र नहीं है या उनकी गिनती सर्वे में तो की गयी है पर उन्हें अभी तक प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है वो भी इसका फायदा ले सकते है।
 
जिन दुकानदार के पास उनका प्रमाणपत्र नहीं है वो सभी शहरी स्थानीय निकाय (Urban local bodies) द्वारा वेंडिंग का अनंतिम प्रमाण पत्र (provisional certificate of vending) ऑनलाइन लेकर भी स्वनिधि योजना के लिए आवेदन कर सकते है। 

प्रोविज़नल सर्टिफिकेट ऑफ़ वेंडिंग के लिए आवेदन (Provisional Certificate of Vending ke liye Aavedan)

प्रोविशनल सर्टिफिकेट ऑफ़ वेंडिंग के लिए आवदेक को ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। इसके लिए आवेदक को सर्वे में दी जाने वाली कोड या नंबर देकर भी इसका ऑनलाइन दस्तावेज प्राप्त हो सकता है। 
 
सर्वे (Survey) में भी गिनती न होने पर भी आवेदक इसके लिए आवेदन दे सकता है इसके लिए 24 मार्च से पहले का ऐसा कोई भी दस्तावेज दिखाना होगा जिससे ये साबित हो सके की वो इस महामारी से पहले भी दुकान ही चलता था। जैसे कोई भी टैक्स की स्लिप जो उसने भरी हो या ऐसा कोई भी कागज़ जिससे ये साबित हो की वो एक दूकानदार है। कागज़ दिखाने पर अर्बन लोकल बॉडीज की संस्थाए उसे  एक प्रोविशनल सर्टिफिकेट ऑफ़ वेंडिंग  (Provisional certificate of vending) जारी कर देगी। जिससे वो आवेदन कर सकता है
 

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SVANidhi Yojana में लगने वाले मुख्य दस्तावेज

  • आवेदक का आधार कार्ड जो उसके फ़ोन नंबर से जुड़ा हुआ हो 
  • शहरीय स्थानीय निकाय संस्थान द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र 
  • बैंक अकाउंट पासबुक 

NOTE: जिन दूकानदार के पास शहरीय स्थानीय निकाय द्वारा दिया गया प्रमाणपत्र नहीं है वो भी इसके लिए ऑनलाइन अर्जी दे सकते है।

SVANidhi Yojana की ऐप App Download करने का तरीका

स्वनिधि योजना की ऐप डाउनलोड (Download) करने के लिए भारत सरकार ने एक पोर्टल जारी किया है जिसपे क्लिक करके आसानी से आवेदन किया जा सकता है ,इसके आलावा गूगल के प्ले स्टोर (Play store) पर जा के स्वनिधि ऐप ढूंढ के उससे डाउनलोड किया जा सकता है |

ये ऐप किसी भी एंड्राइड मोबाइल पर आसानी से डाउनलोड (Download) किया जा सकता है।

SVANidhi Yojana में लोन देने वालो की सूचि

  • सहकारी बैंक 
  • गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी 
  • लघु वित्त बैंक 
  • सूक्ष्म वित्त संस्थान 
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 
  • अनुसूचित वाणिजियक बैंक 

SVANidhi Yojana में वेंडर को लोन

स्वनिधि योजना में उन सभी छोटे दूकानदार, रेहड़ी वालो (सड़क के किनारे छोटे दुकान) को लोन दिया जाता है। इस योजना में उन्ही वेंडर को लोन दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय बहुत ही कम हो, और उसे इस महामारी में अपनी जीविका चलाने में कठिनाई हो रही हो ,वो सभी इस योजना का फायदा उठा सकते है।

SVANidhi Yojana तथा आत्मनिर्भर भारत को मिलाने का प्रयास

प्रधानमंत्री जी आत्मनिर्भर भारत योजना तथा स्वनिधि योजना  दोनों को एक साथ चलाने का प्रयास कर रहे है। आत्मनिर्भर भारत योजना में प्रधानमंत्री जी सभी को अपना काम शुरू करने को प्रेरित करते है ,ताकि जो समान हम बाहर के देशो से आयात करवाते है।

इस योजना के अंतर्गत हम उस वस्तु को अपने देश में ही बनाने का प्रयास करेंगे ताकि जिससे हमे दूसरे देशो पर निर्भर न रहना पड़े इससे देशवासियो रोजगार मिल सके और हमे बाहर के देशो की महंगी वस्तुएं न लेनी पड़े जिससे हमारे देश को विकास में तेज़ी होगी ,और स्वनिधि योजना में सभी छोटे दुकानदार को लोन दिया जाता है ताकि वो अपना काम शुरू कर सके स्वनिधि योजना से आत्मनिर्भर भारत योजना को भी तेज़ी मिलेगी।

स्वनिधि योजना के आकड़े

लगभग 2 मिलियन (20 Lakh) आवेदकों ने अबतक इस योजना में आवेदन कर दिया है ,और ये गिनती आगे भी बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इन आवेदकों में से अबतक 752196 आवेदकों के आवेदन को पास कर दिया गया है ,तथा 218751 लोगो को इस  योजना का लाभ प्राप्त हो चूका है।

स्वनिधि योजना के लाभ

  • स्वनिधि योजना बेहद आसान तरीका है जिससे सभी जरूरतमंद को लोन प्राप्त हो रहा है। जिस कारण लोगो ने इसपर विश्वास रखते हुए इस योजना में अधिक आवदेन भरा है।
  • इस योजना से बाजार में भी पेसो का फ्लो बना रहता है, और बाजार में मंडी नहीं होगी।
  • इस योजना से इस महामारी में सभी जरुरतमंदो की मदद होगी स्वनिधि योजना में किसी भी तरह के दंड का प्रावधान नहीं दिया गया है।

स्वनिधि योजना की ख़ास बातें

  • इस योजना  में लोन बिना किसी गारंटी के दिया जाता है
  • स्वनिधि योजना में केवल उन्ही लोगो को लाभ होगा जो 24 मार्च 2020 से पहले दुकान चलाते थे।
  • इस योजना में किसी भी तरह के दंड का प्रावधान नहीं है
  • वक़्त पर किश्त वापस करने पर अगली बार आवेदकों  को अधिक राशि का भी लोन प्राप्त हो सकता है
  • लोन का 7% का ब्याज दर सरकार द्वारा भरा जाता है जिससे आवेदकों को लोन चुकाने में बहुत ही कम ब्याज दर लोन मिल जाता है।

स्वनिधि योजना के प्रमुख लाभार्थी कौन है

  • छोटे दूकानदार
  • रेहड़ी पटरी वाले दूकानदार
  • सड़क  के किनारे दुकान लगाने वाले विक्रेता
  • गली गली में जा कर अपना दुकान चलने वाले विक्रेता
  • बाजार में लगने वाली दुकानें
  • जिनकी वार्षिक आय बहुत ही कम हो
  • मिटटी के बर्तन या मटके बनाने वाले 
  • फूल बेचने वाले 
  • खाने की वस्तुएं बेचने वाले 
  • स्टेशन पर अपनी वस्तुएं बेचने वाले 
  • रेहड़ी पर कपड़े बेचने वाले 

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की विशेषताएं

  • ये योजना उस वक़्त निकली गयी जब इसकी सबसे ज्यादा जरुरत थी | सभी छोटे विक्रेता पलायन करके अपने गांव वापस लौटना पड़ रहा था ,जो इस महामारी में सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती थी ,जिस कारण इस योजना का महत्व और भी बढ़ जाता है।
  • स्वनिधि योजना में बहुत ही कम ब्याज दर पर बड़ी ही आसानी से लोन मिल जाता है।
  • बैंक द्वारा निर्धारित किया गया बैंक दर में से 7% ब्याज सरकार द्वारा भरा जाता है ,जिस कारण सभी आवेदकों को लोन की राशि तथा ब्याज देने में कोई परेशानी  नहीं होती।
  • वेंडर्स को ये राशि बिना किसी गारंटी के दी जाती है।
  • इस योजना में देश के सभी निम्न वर्ग  मदद सरकार द्वारा किया जाता है, जिससे वो सभी भी इस महामारी में खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित समझे।

स्वनिधि योजना में सबसे अधिक आवेदकों को लोन देने वाला राज्य उत्तर प्रदेश

Uttar Pradesh पुरे भारत में ऐसा राज्य है जिसमे सबसे ज्यादा आवेदकों ने आवदेन किया है। और उत्तर प्रदेश की सरकार ने ही सबसे ज्यादा आवेदकों के आवदेन पास करके लोगो को इस योजना का लाभ पहुंचाया है। इसके साथ साथ उत्तर प्रदेश की मौजूदा सरकार में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने इन सभी विक्रेताओं के लिए बहुत काम किया है।

बिहार, उत्तर प्रदेश, वेस्ट बंगाल ऐसे राज्य है जहाँ से लोग अपना घर छोड़ के दूसरे राज्य में नौकरी के तलाश में जाते है, और इस कोरोना काल में सबसे ज्यादा लोगो ने वापस अपने घरो को रुख कर लिया। योगी जी की सरकार ने इस वक़्त अपने राज्य में आए हुए लोगो के लिए बहुत से आयाम खोले, तथा उनके कमाने के लिए पूरी तैयारी रखी ताकि भी आर्थिक रूप से कोई परेशानी न हो ,और वो सभी यहां पर भी रह कर कमा सके ,योगी सरकार ने उन्हें उनकी योग्यता के हिसाब से वहां उन्हें काम दिया है।

सबसे अधिक लोन देने वालो के राज्य की सूचि घटते क्रम अनुसार

      • उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)
      • मध्य प्रदेश (Madhya pradesh)
      • तेलंगाना (Telangana)
      • गुजरात( Gujarat)
      • महारष्ट्र (Maharashtra)
      • आंध्रा प्रदेश (Andhra pradesh)
      • कर्नाटका (Karnataka)
      •  तमिल नाडु (Tamil Nadu)
      • राजस्थान (Rajasthan)
      • बिहार( Bihar)
      • ओडिशा (Odisha)
      • हरियाणा (Hariyana)
      • झारखण्ड (Jharkhand)
      • छत्तीसगढ़ (Chattisgarh)
      • केरला (Kerala)
      • दिल्ली (Delhi)
      • पंजाब (Punjab)
      • उत्तराखंड (Uttrakhand)
      • असम (Assam)
      • पुंडुचेर्री (Punducherry)
      • हिमाचल प्रदेश(Himachal pradesh)
      • त्रिपुरा (Tripura)
      • मेघालय(Meghalya)
      • मणिपुर (Manipur)
      • नागालैंड (Nagaland)
      • मिजोरम (Mizoram)
      • वेस्ट बंगाल (West Bengal)

 

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